''मेरे आसुओं को वो पानी समझते हैं
हम जिसे जीते हैं उसे वो कहानी समझते हैं ''
''महलों ने ठोकर दिए मिली झोपडी में जगह
मुफलिस ही मुफलिस की परेशानी समझते हैं ''
''फासले से मिलने का सलीका सिख लीजिये
प्यार से मिलने को लोग नादानी समझते हैं ''
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इस उम्र मै ये दर्द बस आपके चरित्र से यही झलकता है की "मेरे दर्द का कोई नाम नहीं" बहुत अच्छा लगा मुझे ब्रजेश nigam
जवाब देंहटाएंBEAUTIFUL aur kya kahu.
जवाब देंहटाएंbehtrin ghazal.
क्या कहना, बहुत खूब!
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